महाकुंभ 2025 के बारे में 10 अमेजिंग फैक्ट्स क्या हैं?

नमस्कार दोस्तों, क्या आप भी महाकुंभ 2025 से जुड़े सभी आश्चर्यजनक तथ्य जानना चाहते हैं, तो आपको बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि आज मैं आपको महाकुंभ 2025 के बारे में सब कुछ सबसे आसान तरीके से समझाने जा रहा हूं। तो चलिए शुरू करते हैं।

महाकुंभ 2025


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महाकुंभ 2025 से जुड़ी 10 अमेजिंग फैक्ट्स :-

1). क्या आप जानते हैं कि पौराणिक कथाओं के अनुसार महाकुंभ का आयोजन केवल उन्हीं 4 स्थानों पर किया जाता है, जहां समुद्र मंथन से अमृत की चार बूंदें धरती पर गिरी थीं। जिनमें से प्रयागराज सबसे अधिक मान्य धार्मिक स्थल है।


2). महाकुंभ मेला करीब 4000 हेक्टेयर भूमि पर फैला हुआ है और इसे 25 सेक्टरों में बांटा गया है। और इतना ही नहीं, मेला क्षेत्र को राज्य का 76वां जिला घोषित किया गया है।


3). महाकुंभ प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए कुल 41 घाट तैयार किए हैं। इनमें से 10 स्थायी घाट हैं, जबकि शेष 31 घाट अस्थायी हैं। इन सभी घाटों में से "संगम घाट" प्रयागराज का सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण घाट है। क्योंकि यहाँ तीन पवित्र नदियाँ गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम होता है। इसीलिए इसे "त्रिवेणी घाट" के नाम से भी जाना जाता है।

महाकुंभ 2025


4). महाकुंभ 2025 के अवसर पर सरकारी राजस्व में 25,000 करोड़ रुपये का योगदान होने की पूरी संभावना है

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5). मेला क्षेत्र में बिजली के खंभों पर 50,000 से अधिक क्यूआर कोड लगाए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र में अपना स्थान निर्धारित करने में आसानी होगी।


6). भारतीय रेलवे ने महाकुंभ के लिए 3000 विशेष ट्रेनें शुरू की हैं। ये ट्रेनें श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए 13 हजार से अधिक चक्कर लगाएंगी।


7). कुंभ के दौरान बड़ी संख्या में नागा साधु अमृत स्नान करते हैं,


8). महाकुंभ की निगरानी 2750 सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी।


9). महाकुंभ 2025 में आईपीएल से 10 गुना ज़्यादा कमाई होने की संभावना है!


10). महाकुंभ में शाही स्नान की कुछ ख़ास तिथियाँ इस प्रकार हैं - 29 जनवरी को 'मौनी अमावस्या', 3 फरवरी को 'बसंत पंचमी', 12 फरवरी को 'माघी पूर्णिमा' और 26 फरवरी को 'महाशिवरात्रि'। महाशिवरात्रि के दिन शाही स्नान के साथमहाकुंभ का समापन होगा।


FAQ :-

प्रश्न 1.  कुंभ कितने प्रकार के होते हैं?

उत्तर। कुंभ मेला चार प्रकार के होते है। जिसमें कुंभ, अर्धकुंभ, पूर्णकुंभ ओर महाकुंभ शामिल है।


प्रश्न 2.  कुंभ और महाकुंभ में क्या अंतर है?

उत्तर। कुंभ मेला हर 12 साल में एक बार लगता हैं, जबकि महाकुंभ मेला 144 सालों में एक बार लगता हैं। महाकुंभ मेले को कुंभ मेले से ज्यादा पवित्र माना जाता है।


प्रश्न 3.  अगला कुंभ मेला कब लगेगा? 

उत्तर। साल 2027 में कुंभ मेला "नासिक" में लगेगा। ओर साल 2030 में प्रयागराज में "अर्धकुंभ" का आयोजन होगा। 


प्रश्न 4.  महाकुंभ 2025 में कितने लोग गए हैं?

उत्तर। 45 दिनों तक चले महाकुंभ में 66 करोड़ से ज्यादा लोगों ने संगम में स्नान किया। 


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